हल किया हुआ उदाहरण
₹25,00,000 का लोन 8.5% सालाना पर 20 साल के लिए लें तो EMI ₹21,696 बनती है। आप ₹27,06,939 ब्याज देते हैं, यानी कुल ₹52,06,939 चुकाते हैं।
- लोन की रकम
- ₹25,00,000
- ब्याज दर (सालाना)
- 8.5%
- लोन की अवधि
- 20 साल
- EMI
- ₹21,696
- कुल ब्याज
- ₹27,06,939
- कुल चुकाई रकम
- ₹52,06,939
| साल | साल में चुकाया | ब्याज | मूल रकम | साल के अंत में बची रकम |
|---|---|---|---|---|
| 1 | ₹2,60,347 | ₹2,10,591 | ₹49,756 | ₹24,50,244 |
| 2 | ₹2,60,347 | ₹2,06,193 | ₹54,154 | ₹23,96,091 |
| 3 | ₹2,60,347 | ₹2,01,407 | ₹58,940 | ₹23,37,150 |
| 4 | ₹2,60,347 | ₹1,96,197 | ₹64,150 | ₹22,73,000 |
| 5 | ₹2,60,347 | ₹1,90,527 | ₹69,820 | ₹22,03,180 |
| 10 | ₹2,60,347 | ₹1,53,710 | ₹1,06,637 | ₹17,49,846 |
| 15 | ₹2,60,347 | ₹97,480 | ₹1,62,866 | ₹10,57,468 |
| 20 | ₹2,60,347 | ₹11,601 | ₹2,48,746 | ₹0 |
यह कैलकुलेटर कैसे इस्तेमाल करें
- लोन की रकम लिखें या स्लाइडर खिसकाएँ।
- अपने लोन ऑफ़र से सालाना ब्याज दर डालें।
- अवधि साल या महीनों में चुनें।
- हर महीने की EMI, कुल ब्याज और कुल रकम देखें।
- कोई चार्ट चुनें, शेड्यूल में किसी साल के महीने खोलें, या CSV डाउनलोड करें।
EMI का हिसाब कैसे लगता है
बैंक घटती रकम (reducing balance) वाला तरीका इस्तेमाल करते हैं: हर महीने ब्याज सिर्फ़ बाकी लोन पर लगता है।
EMI = P × r × (1 + r)n ÷ ((1 + r)n − 1)
यहाँ P लोन की रकम है, r महीने की ब्याज दर (सालाना दर ÷ 12 ÷ 100) और n कुल महीनों की किस्तें।
उदाहरण: ₹25,00,000 का लोन, 8.5% सालाना, 20 साल (240 महीने): EMI ₹21,696। पूरी अवधि में आप ₹52,06,939भरते हैं, जिसमें ₹27,06,939 ब्याज है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
EMI क्या होती है?
EMI (equated monthly instalment) वह तय रकम है जो आप लोन पूरा चुकने तक हर महीने बैंक को देते हैं। हर EMI में उस महीने का ब्याज भी होता है और लोन की मूल रकम का एक हिस्सा भी।
शुरू की EMI का ज़्यादातर हिस्सा ब्याज में क्यों जाता है?
ब्याज बाकी लोन पर लगता है। शुरू में सबसे ज़्यादा लोन बाकी होता है, इसलिए ब्याज का हिस्सा सबसे बड़ा होता है। ₹25 लाख के लोन पर 8.5% ब्याज और 20 साल में, पहले साल की EMI का लगभग 81% ब्याज में जाता है। जैसे-जैसे लोन घटता है, EMI का ज़्यादा हिस्सा मूल रकम चुकाता है।
क्या कम अवधि चुनना बेहतर है?
कम अवधि में EMI ज़्यादा होती है, पर कुल ब्याज बहुत कम लगता है। ₹25 लाख का वही लोन 8.5% पर 20 की जगह 15 साल में लें, तो EMI ₹21,696 से बढ़कर ₹24,618 होती है, पर कुल ब्याज ₹27,06,939 से घटकर ₹19,31,328 रह जाता है।
ब्याज दर थोड़ी कम हो तो कितनी बचत होती है?
लंबे लोन पर आधा प्रतिशत भी बहुत फ़र्क डालता है। 8.5% की जगह 8% पर, 20 साल के ₹25 लाख लोन की EMI हर महीने ₹785 कम हो जाती है और कुल ब्याज ₹1,88,299 घट जाता है।
फ़्लोटिंग रेट लोन पर दर बदले तो EMI का क्या होता है?
दर बदलने पर बैंक या तो EMI बदलता है, या EMI वही रखकर बाकी अवधि बदल देता है। यह कैलकुलेटर मानता है कि पूरे लोन में दर एक जैसी रहती है।
क्या EMI में प्रोसेसिंग फ़ीस या बीमा शामिल है?
नहीं। यहाँ दिखाई गई EMI में सिर्फ़ मूल रकम और ब्याज है। प्रोसेसिंग फ़ीस, बीमा और दूसरे चार्ज अलग से लगते हैं — इन्हें अपने लोन ऑफ़र में देखें।