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अक्टूबर–दिसंबर 2026 की दरेंPPF 7.1%Sukanya 8.2%SCSS 8.2%NSC 7.7%KVP 7.5%MIS 7.4%RD 6.7%सभी दरें और सीमाएँ
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इनकम टैक्स कैलकुलेटर 2026-27

दोनों टैक्स व्यवस्थाओं में अपना टैक्स साथ-साथ देखें, कौन-सी ज़्यादा बचाती है, और लाइन-दर-लाइन कंप्यूटेशन शीट — हर कदम के पीछे नए आयकर अधिनियम की धारा के साथ।

लिखने वाली टीम: CalcTortoise संपादकीय टीम · हम कैसे काम करते हैं

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टैक्स वर्ष 2026-27 (1 अप्रैल 2026 – 31 मार्च 2027), भारत में रहने वाले व्यक्ति के लिए, आयकर अधिनियम, 2025। सालाना रकम डालें।

पुरानी व्यवस्था

स्लैब ऊँचे हैं, पर कई छूट मिलती हैं। जो छूट आप ले सकते हैं, वह डालें।

HRA छूट के लिए।

आप किराये पर कहाँ रहते हैं

बड़े शहर: मुंबई, कोलकाता, दिल्ली, चेन्नई, हैदराबाद, पुणे, अहमदाबाद, बेंगलुरु।

धारा 123 (पुरानी 80C), कुल ₹1,50,000 तक।

₹25,000 तक।

मान लिया: अपना NPS नहीं, माता-पिता का बीमा नहीं, ₹2,500 प्रोफ़ेशनल टैक्स. फ़र्क

धारा 123 के ऊपर ₹50,000 तक और।

आपकी आय

दोनों व्यवस्थाओं के लिए एक जैसी।

साल के दौरान आपकी उम्र

स्पेशल अलाउंस, बोनस, नकद में मिला LTA, और दूसरी टैक्स वाली सैलरी।

मान लिया: कंपनी का NPS नहीं, कोई घर नहीं, ₹33,000 ब्याज की आय, कैपिटल गेन नहीं, अभी तक कोई टैक्स नहीं भरा. फ़र्क

दोनों व्यवस्थाओं में छूट, बेसिक के एक हिस्से तक।

आपका अपना घर

इस साल का कैपिटल गेन

जो बेचा उस पर मुनाफ़ा (बिक्री कीमत − लागत)। आपके ब्रोकर या फ़ंड हाउस के कैपिटल गेन स्टेटमेंट में ये जोड़ होते हैं।

20% टैक्स।

साल में ₹1,25,000 टैक्स-फ़्री; बाकी पर 12.5%।

सोना, प्रॉपर्टी, अनलिस्टेड शेयर, विदेशी फ़ंड: 12.5%, बिना इंडेक्सेशन।

1 अप्रैल 2023 से ख़रीदे डेट फ़ंड (चाहे जितने समय रखें) और 24 महीने या कम रखी दूसरी चीज़ें: आय में जुड़ते हैं, आपके स्लैब से टैक्स।

सैलरी पर TDS (Form 16), ब्याज पर TDS, और एडवांस टैक्स।

नई व्यवस्था

डिफ़ॉल्ट व्यवस्था। दरें कम, छूट बहुत कम — यहाँ कुछ भरना नहीं।

  • सैलरी पर ₹75,000 का स्टैंडर्ड डिडक्शन।
  • ₹12 लाख तक की कुल आय पर कोई टैक्स नहीं (₹60,000 तक का रिबेट)।
  • कंपनी का NPS, बेसिक के 14% तक।
  • किराये पर दिए घर का ब्याज, उसके किराये में से।
  • नहीं मिलता: HRA, धारा 123 (80C), हेल्थ इंश्योरेंस, आपका अपना NPS, रहने वाले घर के होम लोन का ब्याज, प्रोफ़ेशनल टैक्स।

नई व्यवस्था में आपकी बचत

₹23,610

टैक्स वर्ष 2026-27

यह सिर्फ़ एक उदाहरण है, निवेश, टैक्स या कानूनी सलाह नहीं।

पुरानी व्यवस्था

साल का टैक्स

₹1,10,660

₹1.11 लाख

  • ₹4,63,500 की छूट और डिडक्शन के बाद कुल आय ₹9,69,500।

दोनों के लिए

कुल (ग्रॉस) आय
₹14,33,000
पहले से कटा या भरा टैक्स
₹0
बराबरी के लिए पुरानी व्यवस्था में चाहिए अतिरिक्त छूट
₹1,13,500

नई व्यवस्था

साल का टैक्स

₹87,050

  • ₹75,000 के डिडक्शन के बाद कुल आय ₹13,58,000।

नई व्यवस्था में टैक्स ₹87,050 है, जबकि पुरानी में ₹1,10,660 — टैक्स वर्ष 2026-27 के लिए ₹23,610 कम। पुरानी व्यवस्था इसकी बराबरी तभी करेगी जब लगभग ₹1,13,500 की और छूट हो।

कंप्यूटेशन शीट

लाइन-दर-लाइन, हर कदम के साथ आयकर अधिनियम, 2025 (या वित्त अधिनियम, 2026) की धारा। कॉपी रखने के लिए प्रिंट / PDF सेव करें।

पुरानी व्यवस्था

मदधारारकम
सैलरी से आय
बेसिक और DA₹7,20,000
मकान किराया भत्ता₹2,88,000
दूसरे भत्ते, बोनस और सुविधाएँ₹3,92,000
ग्रॉस सैलरी₹14,00,000
HRA छूटइनमें सबसे कम: मिला HRA, किराया घटा सैलरी का 10%, सैलरी का 50%अनुसूची III क्रम 11; नियम 279− ₹2,28,000
स्टैंडर्ड डिडक्शनधारा 19 क्रम 2− ₹50,000
प्रोफ़ेशनल टैक्सधारा 19 क्रम 1− ₹2,500
सैलरी से आय₹11,19,500
दूसरे स्रोतों से आय
बचत खाते का ब्याज₹8,000
जमा पर ब्याज₹25,000
दूसरे स्रोतों से आय₹33,000
कुल ग्रॉस आय₹11,52,500
डिडक्शन
निवेश और भुगतान (PPF, EPF, ELSS…)s.123− ₹1,50,000
हेल्थ इंश्योरेंस — आप और परिवारs.126(2)(a)− ₹25,000
बचत खाते का ब्याजs.153− ₹8,000
कुल डिडक्शन₹1,83,000
कुल आय (₹10 तक राउंड)s.516₹9,69,500
टैक्स
स्लैब दरों पर टैक्सFA 2026 अनुसूची 1 भाग I-B₹1,06,400
हेल्थ और एजुकेशन सेस (4%)FA 2026 धारा 3(15)₹4,256
साल का टैक्स (₹10 तक राउंड)s.516₹1,10,660
अभी भरना है₹1,10,660

स्लैब-दर-स्लैब

  • ₹0 – ₹2,50,000 पर 0%₹0
  • ₹2,50,000 – ₹5,00,000 पर 5%₹12,500
  • ₹5,00,000 – ₹9,69,500 पर 20%₹93,900

नई व्यवस्था

मदधारारकम
सैलरी से आय
बेसिक और DA₹7,20,000
मकान किराया भत्ता₹2,88,000
दूसरे भत्ते, बोनस और सुविधाएँ₹3,92,000
ग्रॉस सैलरी₹14,00,000
स्टैंडर्ड डिडक्शनधारा 19 क्रम 2− ₹75,000
सैलरी से आय₹13,25,000
दूसरे स्रोतों से आय
बचत खाते का ब्याज₹8,000
जमा पर ब्याज₹25,000
दूसरे स्रोतों से आय₹33,000
कुल ग्रॉस आय₹13,58,000
डिडक्शन
आम डिडक्शन में से कोई नहीं मिलताधारा 202(2)(a)(xii)₹0
कुल डिडक्शन₹0
कुल आय (₹10 तक राउंड)s.516₹13,58,000
टैक्स
स्लैब दरों पर टैक्सs.202(1)₹83,700
हेल्थ और एजुकेशन सेस (4%)FA 2026 धारा 3(15)₹3,348
साल का टैक्स (₹10 तक राउंड)s.516₹87,050
अभी भरना है₹87,050

स्लैब-दर-स्लैब

  • ₹0 – ₹4,00,000 पर 0%₹0
  • ₹4,00,000 – ₹8,00,000 पर 5%₹20,000
  • ₹8,00,000 – ₹12,00,000 पर 10%₹40,000
  • ₹12,00,000 – ₹13,58,000 पर 15%₹23,700

हल किया हुआ उदाहरण

नई व्यवस्था में टैक्स ₹87,050 है, जबकि पुरानी में ₹1,10,660 — टैक्स वर्ष 2026-27 के लिए ₹23,610 कम। पुरानी व्यवस्था इसकी बराबरी तभी करेगी जब लगभग ₹1,13,500 की और छूट हो।

साल की सैलरी
₹14,00,000
चुकाने वाला टैक्स, पुरानी व्यवस्था
₹1,10,660
चुकाने वाला टैक्स, नई व्यवस्था
₹87,050
एक ही आय, दोनों व्यवस्थाओं में
पुरानी व्यवस्थानई व्यवस्था
छूट से पहले की कुल आय₹11,52,500₹13,58,000
डिडक्शन₹1,83,000₹0
टैक्स लगने वाली आय₹9,69,500₹13,58,000
स्लैब के हिसाब से टैक्स₹1,06,400₹83,700
रिबेट₹0₹0
सेस₹4,256₹3,348
चुकाने वाला टैक्स₹1,10,660₹87,050

यह कैलकुलेटर कैसे इस्तेमाल करें

  1. आपकी आय (बीच में): आपकी उम्र, सैलरी स्लिप या Form 16 के हिसाब से सैलरी के हिस्से (सालाना), आपका कोई घर, ब्याज और दूसरी आय, और पहले से कटा टैक्स।
  2. पुरानी व्यवस्था (नीला): आपका किराया और जो छूट आप ले सकते हैं।
  3. नई व्यवस्था (नारंगी): कुछ भरना नहीं — इसमें बहुत कम छूट मिलती है।
  4. देखें कौन-सी व्यवस्था ज़्यादा बचाती है, फिर कंप्यूटेशन शीट। उसे प्रिंट करें या PDF बनाएँ।

FY 2025-26 (AY 2026-27) का रिटर्न भर रहे हैं?

आयकर अधिनियम, 1961 के तहत FY 2025-26 के स्लैब, रिबेट, स्टैंडर्ड डिडक्शन और छूट की सीमाएँ वही हैं जो यहाँ इस्तेमाल हुई हैं, इसलिए टैक्स भी वही बनता है। दो बातें अलग हैं: धाराओं के नंबर, और HRA की 50% दर, जो FY 2025-26 में सिर्फ़ दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में थी — बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे या अहमदाबाद के लिए “दूसरा शहर” चुनें।

क्याFY 2025-26 (1961 अधिनियम)2026-27 से (2025 अधिनियम)
PPF, EPF, ELSS, बीमा, ट्यूशन फ़ीस…80Cधारा 123
आपका अपना NPS (अतिरिक्त ₹50,000)80CCD(1B)धारा 124(3)
कंपनी का NPS80CCD(2)धारा 124
हेल्थ इंश्योरेंस80Dधारा 126
बचत खाते और डिपॉज़िट का ब्याज80TTA / 80TTBधारा 153
होम लोन का ब्याज24(b)धारा 22
रिबेट87Aधारा 156
नई टैक्स व्यवस्था115BACधारा 202

इस्तेमाल हुई दरें

नई व्यवस्था (धारा 202): ₹4 लाख तक 0%; ₹4 लाख–₹8 लाख 5%; ₹8 लाख–₹12 लाख 10%; ₹12 लाख–₹16 लाख 15%; ₹16 लाख–₹20 लाख 20%; ₹20 लाख–₹24 लाख 25%; ₹24 लाख से ऊपर 30%। स्टैंडर्ड डिडक्शन ₹75,000; कुल आय ₹12 लाख तक हो तो ₹60,000 तक रिबेट।

पुरानी व्यवस्था (वित्त अधिनियम, 2026, पहली अनुसूची, भाग I-B): ₹2.5 लाख तक शून्य (60–79 साल पर ₹3 लाख, 80+ पर ₹5 लाख), फिर 5%, ₹5 लाख से ऊपर 20% और ₹10 लाख से ऊपर 30%। स्टैंडर्ड डिडक्शन ₹50,000; कुल आय ₹5 लाख तक हो तो ₹12,500 तक रिबेट।

दोनों में: ₹50 लाख से ऊपर 10%, ₹1 करोड़ से ऊपर 15% और ₹2 करोड़ से ऊपर 25% सरचार्ज (पुरानी व्यवस्था में ₹5 करोड़ से ऊपर 37%), मार्जिनल रिलीफ़ के साथ; फिर टैक्स और सरचार्ज पर 4% हेल्थ और एजुकेशन सेस (वित्त अधिनियम, 2026, धारा 3)। कुल आय और टैक्स नज़दीकी ₹10 तक राउंड किए जाते हैं (धारा 516)।

स्रोत: वित्त अधिनियम, 2026 से संशोधित आयकर अधिनियम, 2025; वित्त अधिनियम, 2026 (धारा 3 और पहली अनुसूची); आयकर नियम, 2026 (नियम 279, HRA)। जाँचा गया: 8 अक्टूबर 2026।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या ₹12.75 लाख की सैलरी सच में टैक्स-फ़्री है?

हाँ, नई व्यवस्था में। ₹12,75,000 की सैलरी में से ₹75,000 का स्टैंडर्ड डिडक्शन घटाने पर ₹12,00,000 की कुल आय बचती है; उस पर बना टैक्स ₹60,000 तक के रिबेट (धारा 156) से ख़त्म हो जाता है, इसलिए आप ₹0 भरते हैं। उससे थोड़ा ऊपर, मार्जिनल रिलीफ़ टैक्स को अचानक बढ़ने नहीं देता: ₹13,25,000 पर आप ₹52,000 भरते हैं, पूरा स्लैब टैक्स नहीं।

पुरानी या नई व्यवस्था — कौन-सी चुनें?

अपने आँकड़ों से देखें: नई व्यवस्था में दरें कम हैं, पुरानी में छूट ज़्यादा। इस पेज के उदाहरण में: नई व्यवस्था में टैक्स ₹87,050 है, जबकि पुरानी में ₹1,10,660 — टैक्स वर्ष 2026-27 के लिए ₹23,610 कम। पुरानी व्यवस्था इसकी बराबरी तभी करेगी जब लगभग ₹1,13,500 की और छूट हो। अगर आपकी कोई बिज़नेस आय नहीं है, तो आप हर साल रिटर्न भरते समय नए सिरे से चुन सकते हैं (धारा 202(4)(b))।

HRA की छूट कैसे निकलती है?

इन तीनों में से जो सबसे कम हो: आपको मिलने वाला HRA; आपका किराया घटा बेसिक और DA का 10%; और मुंबई, कोलकाता, दिल्ली, चेन्नई, हैदराबाद, पुणे, अहमदाबाद, बेंगलुरु में बेसिक और DA का 50%, बाकी जगह 40% (अनुसूची III, क्रम 11 और आयकर नियम, 2026 का नियम 279)। उदाहरण में यह ₹2,28,000 बनता है। यह छूट सिर्फ़ पुरानी व्यवस्था में मिलती है।

धारा 80C, 80D और 87A कहाँ गईं?

आयकर अधिनियम, 2025 ने टैक्स वर्ष 2026-27 से इनके नंबर बदल दिए: 80C अब धारा 123 है (सूची अनुसूची XV में), 80CCD धारा 124, 80D धारा 126, 80TTA और 80TTB धारा 153, 87A का रिबेट धारा 156, नई व्यवस्था (115BAC) धारा 202, और होम लोन का ब्याज (24(b)) धारा 22। यहाँ इस्तेमाल हुई सीमाएँ नए अधिनियम की हैं।

शेयर और म्यूचुअल फ़ंड के कैपिटल गेन पर टैक्स कैसे लगता है?

12 महीने या कम रखे शेयर और इक्विटी फ़ंड: 20% (धारा 196)। ज़्यादा समय रखे: साल में ₹1,25,000 से ऊपर के मुनाफ़े पर 12.5% (धारा 198)। 24 महीने से ज़्यादा रखी दूसरी चीज़ें — सोना, प्रॉपर्टी, अनलिस्टेड शेयर — बिना इंडेक्सेशन 12.5% (धारा 197)। 1 अप्रैल 2023 से ख़रीदे डेट फ़ंड पर, चाहे जितने समय रखें, आपके स्लैब से टैक्स (धारा 76)। ₹9,00,000 की दूसरी आय के साथ ₹2,25,000 के लंबी अवधि के इक्विटी मुनाफ़े पर नई व्यवस्था में ₹13,000 टैक्स बनता है।

क्या ₹12 लाख का रिबेट कैपिटल गेन पर भी लगता है?

नहीं। नई व्यवस्था में रिबेट सिर्फ़ स्लैब दर वाले टैक्स को ख़त्म कर सकता है (धारा 156(3)), इसलिए ख़ास दरों वाले मुनाफ़े का टैक्स भरना पड़ता है। ₹9,00,000 की दूसरी आय और ₹2,00,000 के छोटी अवधि के इक्विटी मुनाफ़े पर कुल आय ₹11,00,000 है — ₹12 लाख से कम — फिर भी टैक्स ₹41,600 है: स्लैब वाला टैक्स रिबेट में जाता है, मुनाफ़े पर 20% नहीं। बची हुई बेसिक छूट पहले मुनाफ़े के ख़िलाफ़ लगती है।

यह कैलकुलेटर क्या नहीं गिनता?

कैपिटल लॉस और आगे ले जाए गए नुकसान, 23 जुलाई 2024 से पहले ख़रीदी ज़मीन या मकान पर इंडेक्सेशन का विकल्प (धारा 197(3)), ₹50 लाख से ज़्यादा आय पर कैपिटल गेन का कोई ख़ास सरचार्ज (सामान्य सरचार्ज लगाया गया है), बिज़नेस या प्रोफ़ेशन की आय, कंपनी की कार जैसी सुविधाओं की कीमत, पुराने बकाया वेतन की राहत, खेती की आय और अनिवासी (NRI) की आय। यह एक घर गिनता है। अपने रहने वाले घर के होम लोन ब्याज की सीमा पुरानी व्यवस्था में ₹2,00,000 है। आख़िरी आँकड़े Form 16, Form 26AS/AIS से मिलाएँ, और शक हो तो टैक्स सलाहकार से पूछें।

स्रोत और तरीका

टैक्स कानून और नियमों के हिसाब से स्लैब-दर-स्लैब निकलता है, फिर रिबेट, सरचार्ज और सेस उसी क्रम में लगते हैं जो कानून में दिया है।

नियम और दरें आख़िरी बार जाँची गईं . हम हिसाब कैसे लगाते हैं · संपादकीय नीति · सुधार और बदलावों की सूची

आख़िरी बदलाव: 8 अक्टूबर 2026। यह सिर्फ़ जानकारी के लिए है, वित्तीय सलाह नहीं। आख़िरी आँकड़े अपने बैंक या लोन देने वाले से ज़रूर मिलाएँ।